पेशाब में खून आने का कारण और इलाज - Hematuria in Hindi

पेशाब में खून आने का कारण और इलाज: पेशाब में खून आना याने की रक्तमेह जिसे अंग्रेजी में hematuria कहते है वह एक चिंता का कारण हो सकता है .फ़ौरन इसकी चिकित्सा करवाए क्योंकि कई बार पेशाब में खून आना गंभीर समस्या का संकेत है तो कई बार ऐसे कोई खतरा नहीं है. पढ़िए पेशाब में खून आने के कारण और इलाज कैसे करे. 

हीमेचुरिया (मूत्र में रक्त) के प्रकार - Hematuria ke prakar

हीमेचुरिया के अलग प्रकार है जिस के बारे में प्रस्तुत है थोड़ीसी जानकारी: 

  • माइक्रोस्कोपिक हीमेचुरिया वो परिस्थिति है जिस में रक्त के कण निम्न मात्रा में पेशाब में उपस्थित होते है. ऐसे पेशाब में खून नहीं दिखाई देता है मगर माइक्रोस्कोप द्वारा ही यह पता चलता है. 
  • ग्रॉस हीमेचुरिया (gross hematuria) में पेशाब में खून दिखाई देता है और पेशाब का रंग गहरा हो जाता है. पेशाब का रंग लाल गुलाबी या भूरा होता है इस हालत में. कमर में दर्द और मूत्राशय में पीड़ा महसूस होती है. कई दवाई है जिस के कारण पेशाब में खून आ सकता है मगर दवाई बंद करने पर अपने आप यह परिस्थिति बंद हो जाती है. इस की तुलना में ग्रॉस हीमेचुरिया के पीछे गंभीर कारण हो सकता है 

पेशाब में खून या रक्तमेह के कारण -  Peshab mein khoon aane ke karan

अब देखिये किन कारणों से रक्तमेह या पेशाब में खून आता है. 

गुर्दे
गुर्दे में सूजन हो या संक्रमण हो या पथरी हो तो पेशाब में खून आना संभावित है. गुर्दे में कैंसर हो जाये तभ भी खून आता है या खून के थक्के होते है मगर दर्द नहीं होता है. गुर्दे पर चोट आ जाये तभ भी रक्त स्त्राव हो सकता है. 

मूत्राशय और मूत्र नली 
पथरी हो जाये तो मूत्राशय या मूत्र नली में खून मिल जाता है पेशाब में और साथ में दर्द भी रहता है. मूत्र नली में गांठ हो जाये तभ भी ऐसा होता है मगर दर्द नहीं होता है और यह कैंसर का संकेत हो सकता है. संक्रमण में पाइलोनेफ्रिटिस के कारण भी खून का बहाव होता है और साथ में बाजु में दर्द और बुखार रहता है.

पौरुष ग्रंथि – prostate
बढ़ती उम्र के कारण पुरुषो का पौरुष ग्रंथि में सूजन होती है और इस में से खून का स्त्राव होता है. कैंसर भी हो सकता है और ऐसे हालत में मरीज़ को पेशाब करने में तकलीफ होती है या तो बार बार पेशाब आता है. 

अधिक व्यायाम 
ज्यादा श्रम के कारण भी कभी कभी पेशाब में खून दिखाई देता है. पानी कम पिया हो व्यायाम के बाद तभ भी खून आता है.  

दवाई
कई ऐसी दवाई है जैसे की खून पतला करने की दवाई पेनिसिलिन दर्द शामक दवाई और एस्पिरिन जिस से मूत्राशय में से खून का बहाव होता है. 

अतिशय सम्भोग
अतिशय सम्भोग के कारण भी पेशाब में खून आ सकता है. कई लोगो में खून आना वंश परंपरागत बात है. उन को सिकल सेल एनीमिया हो तो पेशाब में खून आता है. 

इस परिस्थिति को नज़र अंदाज़ न करे. फ़ौरन चिकित्सा करवाए.

चिकित्सा

डॉक्टर आम तौर पर यूरिन टेस्ट करवाएंगे और अलग से जाँच पड़ताल करेंगे. मूत्राशय और गुर्दे का परिक्षण किया जाता है. अगर उचित लगे तो ब्लड टेस्ट किया जाता है क्रिएटिनिन की मात्रा कितनी है यह जानने के लिए. ठीक लगे तो डॉक्टर आप को CT scan/MRI या अल्ट्रासाउंड करवाएगा. अगर डॉक्टर को और शक हो तो बीओप्सी भी करवाएगा या तो मूत्रनली में सिस्टोस्कोपी दाखिल कर के अंदर संक्रमण है या नहीं यह निश्चय करेगा.

यह सभी जाँच पड़ताल के बाद पेशाब में खून का इलाज किया जाता है.

पेशाब में खून का इलाज - Peshab mein khoon aane ka gharelu ilaj

  • पेशाब में खून का इलाज डॉक्टर अलग अलग तरीके से करेंगे. इस पर आधार है कि आप को क्या तकलीफ है. 
  • अगर संक्रमण हो तो दवाई देंगे जिस से कीटाणु का नाश हो. 
  • पौरुष ग्रंथि में सूजन है तो दवाई द्वारा इस कि सूजन मिटा देंगे या तो प्रोस्टेट निकल देंगे. 
  • पथरी के कारण है तो पथरी के देसी इलाज आप कर सकते है या शॉक वेव से यह पथरी को तोड़ा जाता है. 
  • कई ऐसे दवाई है पेशाब में खून के लिए जैसे किAcmesylate और Cosklot मगर जाँच पड़ताल बिना खुद दवाई न ले. हाँ आयुर्वेदिक उपचार जरूर अपना सकते है जैसे कि हिमालय का Renalka और Styplon.

पेशाब में खून को रोकने के उपाय  - Peshab mein khoon aane se bachne ke upay

  • पेशाब में खून को रोकने के लिए या इस परिस्थिति से बचने के लिए यह सावधानी ध्यान में रखे: 
  • हमेशा पानी खूब पीते रहे और नमक का कम इस्तेमाल करे. 
  • अगर मांस खाते है तो इस का सेवन कम कर दे.
  • धूम्रपान कम या तो बंद कर दे.

यह है पेशाब में खून सम्बंधित जानकारी. अगर पेशाब में खून दिखाई दे और रंग बदल जाये तो जरूर चिकित्सक से जाँच पड़ताल करवाए नज़र अंदाज़ न करे. 

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