जरूर जाने क्या होते है दाग और इनके प्रकार

जरूर जाने क्या होते है दाग और इनके प्रकार

त्वचा पर दाग उसे कहते है जब की वो जगह आजू बाजू की त्वचा के रंग से ज़्यादा हल्का हो या तो ज़्यादा गहरा है |दाग प्राकृतिक भी होते है जैसे की तिल और बर्थमार्कस | दाग उमर के साथ भी आते है जैसे की लिवर स्पॉट्स, डार्क सर्कल्स और एजिंग मार्क्स| दाग घाव के कारण भी होते है जब बढ़ती जाती है तब स्कार टिश्यू का रंग अलग होता है| दाग पिंपल्स और एक्ने के कारण भी चेहरे पर निशान बना देता है| दाग और स्कार्स अलग प्रकार के होते है |जानिए किन प्रकार के दाग है ताकि आप को अगर इन का इलाज करना है तो सही रास्ता अपना सके| 

बर्थमार्क दाग (Birthmark Daag)

जन्म से ही त्वचा पर कोई एक जगह पर या तो अलग जगह पर ऐसे गहरे रंग के निशान होते है जिन्हे बर्थमार्क कहते है| कई बार उमर बढ़ने पर बर्थमार्कअपने आप मिट जाते है |

लिवर स्पॉट (Liver Spot)

जैसे जैसे उमर बढ़े तो त्वचा पर कई जगह पर गहरे रंग के निशान प्रगट होने लगते है.यह काले रंग के या तो गहरे रंग के होते है और इन के पीछे बढ़ती उमर या तो सूर्य किरण से UV डैमेज के कारण है| यह खास कर के चेहरे पर, कंधो पर और बाहों पर प्रगट होते है| 

ऐज स्पॉट (Age Spot)

बढ़ती उमर के कारण चेहरे के त्वचा पर खास ऐसे गहरे रंग के निशान प्रगट होने लगते है जिन्हे आगे स्पॉट्स कहते है|

सफेद दाग (Safed Daag)

सफेद दाग को vitiligo या leucoderma कहते है और ऐसे माना जाता है की यह शरीर के autoimmune रेस्पॉन्स से होता है| इम्यून सिस्टम शरीर के मेलनिन सेल्स को नष्ट कर देता है और जहाँ पर ऐसा हो उस जगह पर सफेद दाग होते है| 

मोल्स (Moles)

मोल्स या तिल प्राकृतिक तरीके से शरीर के कोई भी भाग पर होते है| यह कायम बने रहते है और कई बार अपने आप मिट जागे है| यह गोल या इर्रेग्युलर आकर के होते है और सपाट होते है| कई बार यह जगह पर उपासने लगते है तब इन्हे मस्से या warts कहा जाता है| यह ऐसे तो बिना कोई हानि के है मगर वॉर्ट्स अगर ज़्यादा बढ़े तो यह स्किन कैंसर का भी संकेत हो सकता है| 

मेलासमा (Melasma)

यह हालत गर्भवती महिला मे ज़्यादा पाया जाता है| गर्भ होने के समय एस्टरोगेन और हॉर्मोन्स का ज़्यादा उत्पादन होने के कारण चेहरे पर कई जगह पर मेलनिन का निर्माण ज़्यादा होता है और डार्क स्पॉट्स के रूप मे प्रगट होता है|

मुहासे (Muhase)

त्वचा के चिद्रा आतिशे तेल से भर जाने से चिद्रा बाँध हो जाते है, इन्फेक्षन होता है और यहा की जागार लाल हो जाती है| सही ट्रीटमेंट से पिंपल्स का निशान नहीं रह जाता है| मगर यह बढ़ गया तो एक्ने के स्पॉट्स काले नज़र आते है| इस मे भी सिस्टिक एक्ने हो तो यह जागार मे 5 mm तक का फैलाव होता है और अंदर पस भर जाता है| Nodules मे त्वचा के नीचे छोटी गाँठ है ऐसा अनुभव होता है|

स्कार्स (Scars)

आक्नी के कारण चेहरे पर स्कार्स हो जाते है| घाव लग जाए चेहरे पर या तो शरीर के किसी भी भाग मे तो रिपेर प्रोसेस मे स्कार रह जाते है और यह स्कार कभी कभी लंबे समय तक रहते है और अन्य प्रकार के होते है|

केलॉइड स्कार्स (Keloid Scars)

घाव लगने के बाद रिपेर होता है. ऑपरेशन के बाद भी घाव रिपेर होता है शरीर द्वारा. इस दरमियाँ अगर स्कार टिश्यू का आतिशे निर्माण हुआ तो यह उपसे हुए नज़र आते है और इन मे दर्द ओर जलन भी होता रहता है. केलॉइड स्कार्स आतिशे कॉलेगेन के निर्माण से होता है और घाव के मिटने पर भी यह निर्माण होता जाता है. इस मे खुजली होती है और कई बार घाव से भी बड़े साइज़ के हो जाते है. यह चमकते है और इन मे बाल नहीं होते है. 

हाइपरट्रोफिक स्कार (Hypertrophic Scar)

ऑपरेशन के बाद या घाव मे जब रूझ आता है तब कॉलेगेन मे असंतुलन हो जाता है| घाव मिटने पर इन के निशान रह जाते है और यह लाल या गहरे रंग के होते है| यह 6 महीनो तक रहेंगे और मिट जाएँगे नॉर्मल कंडीशन मे| यह घाव की जगह तक ही सीमित रहते है| 

पिटेड स्कार (Pitted Scar)

चिकन पॉक्स या आक्नी के बाद जब रूझ आता है तो त्वचा मे लेवेल नहीं रहता है| गोल गोल छोटे खड्डे जैसे पढ़ जाते है जिन्हे हम पिटेड स्कार्स कहते है| 

स्कार कॉंट्रक्तुरेस (Contractures Scar)

त्वचा अगर जल जाए और फिर नयी त्वचा का निर्माण हो तब त्वचा संकुचित हो जाती है और आजू बाजू की त्वचा से अलग लगती है| इसे स्कार contractures कहते है| 

स्कार का इलाज धीरज से करना है| हर रोज इस पर विटामिन ए युक्त क्रीम लगाए या तो हल्दी और नारियल तेल या अरंडी तेल का मिश्रण लगाते रहे| कई बार यह स्कार्स इतने बढ़े होते है की प्लास्टिक सर्जरी करवाने से ही इन का इलाज होता है| स्कार्स मिटाने के लिए हल्दी और दूध की मलाई हर रोज लगाए तो प्राकृतिक तरीके से रूझ आ जाता है| चंदन और गुलाब जल का मिश्रण से जलन और खुजली से रहट मिलेगी| दाग रह जाए तो गाजर का बीज, मूली का रस, मुलेठी चूर्ण जैसे सामग्री का पेस्ट लगाए तो रंग हल्का होने लगेगा|....आगे पढ़े >> 

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