पीरियड का यह कलर बहुत कुछ बताता हैं आपकी हेल्थ के बारे में - Period Blood Color in Hindi

पीरियड का यह कलर बहुत कुछ बताता हैं आपकी हेल्थ के बारे में - Period Blood Color in Hindi

पीरियड्स का कलर क्या बताता है आपकी हेल्थ के बारे में​ (Colors of menstrual blood signs there disease in hindi, Period blood color in hindi): महावरी हर महीने महिलाओ को परेशान करके रख देती है| आम तौर पर खून का बहाव 2-4 दिनों तक होता है और फिर सब कुछ साधारण हो जाता है| महिलाओ को अपनी महावरी के समय बहते लहू के रंग का निरिक्षण ज़रूर करना चाहिए की इसका रंग कैसा है क्योंकि रंग से स्वास्थ का संकेत होता है| जानिए पीरियड कलर इन हिन्दी और यह क्या बताते है आप के स्वस्थ मे बारे में|

महावरी में काला खून आना – Black Blood During Menstruation in Hindi

  • पीरियड में ब्लैक ब्लड आना यह गंभीर समस्या हो सकती है| 
  • इस दौरान महिला को बहुत दर्द होता है| 
  • साथ में ब्लड क्लॉट्स इन पीरियड दिखाई देते है| 
  • ब्लैक ब्लड पीरियड आते है तो महिला को गर्भवती होना बहुत मुश्किल होता है और क्लॉटिंग की समस्या गर्भावस्था में भी परेशान कर देती है| 
  • ब्लैक ब्लड पीरियड फ़िब्रोइड (fibroid) और एंडोमेट्रोइओसिस(endometroiosis) का संकेत है इसीलिए जल्द ही इसका निवारण करे|

पीरियड में ब्राइट रेड ब्लड आना – Bright Red Blood in Period in Hindi 

  • ब्राइट रेड पीरियड एक बिल्कुल स्वस्थ महिला का चिन्ह् है|
  • पीरियड में ब्राइट रेड ब्लड आए तो यह बताता है की गर्भाशय बिल्कुल तंदूरस्त है और महिला गर्भावस्था आसानी से धारण कर सकती है| 
  • ब्राइट रेड ब्लड कलर पीरियड मे हो यह उत्तम है और संकेत है की शरीर का स्वस्थ भी उत्तम है| 
  • ऐसा भी हो सकता है की गर्भाशय के अंदर की परत तेज़ी से उखड़ आती है और ऐसे मे थोड़ासा दर्द भी होता है| 
  • कभी कभी इस तरह का खून ओवेरियन  सिस्ट(ovarian cyst) का संकेत हो सकता है|

सम्बंधित जानकारी

माहवारी में गहरे लाल रंग का लहू - Period Colour Dark Red in Hindi

  • महावरी के शुरुआत से अंत तक खून का रंग लाल होना चाहिए और कभी कभी अंत में ब्राउन रंग हो जाता है| 
  • डार्क पीरियड ब्लड हो और यह गहरा लाल रंग हो तो चिंता की बात नहीं है| यह इतना बताता है की लहू शरीर के अंदर रहा है और बाहर निकलने में देरी होती है जिससे इसका रंग गहरा हो जाता है हवा के लगने से| 
  • डार्क पीरियड ब्लड होता है तो बस इतना ध्यान देना है की सही समय पर महावरी शुरू होती है और अंत होती है और अन्य कोई लक्षण जैसे की दर्द ज़्यादा नहीं है| अगर ऐसा है तो चेक उप करवाए या तो घरेलू उपाय से महावरी आसान बनाए| 
  • गुलाबी लाल और गाढ़ा लहू हो तो यह संकेत है की हॉर्मोन्स संतुलन में नहीं है या तो फिर आप सोया, दूध और चीनी का ज़्यादा सेवन करते है या तो फिर गर्भाशय में रेशे और छोटी छोटी गाँठ है| 
  • अल्ट्रसाउंड चेक उप करवाए और सोया का सेवन बंद करे| 

रंग गाड़ा भूरा पीरियड का होना - Bluish Color Blood Menstruation in Hindi

  • पीरियड कलर इन हिन्दी में अगर लहू का रंग गाढ़ा भूरा हो तो यह संकेत है की शरीर का तापमान कम है जिससे लहू शरीर में जमा हो के गाढ़ा हो जाता है| 
  • भूरा रंग पीरियड ब्लड आए तो यह जानिए की इसके साथ दर्द भी हो सकता है और लहू का क्लॉटिंग भी होती है| ऐसा भी हो सकता है की कोई संक्रमण है तो जाँच जरूर करवाए| बदबू आए तो ज़रूर जाँच करवाए| 
  • ब्लू ब्लड पीरियड आता है तो घरेलू उपाय से शरीर का तापमान बढ़ाए और गरमाहट दे ऐसे आहार जैसे की लहसुन, पीपरमूल,अदरक और काली मिर्च का सेवन करे| 

हल्का लाल रंग का लहू माहवारी में - Light Red Blood in Periods in Hindi

  • पीरियड कलर इन हिन्दी जानिए की अगर लहू का रंग हल्का लाल है और पतला है तो यह संकेत है की शरीर में लोह तत्त्व की कमी है| 
  • हल्का लाल रंग यह भी संकेत करता है की आप पोष्टिक आहार नहीं ले रही है या तो फिर पाचन तंत्र सही नहीं है|
  • थकान ज़्यादा लगे तो भी यह लो तत्त्व की कमी का संकेत है| 
  • हल्के लाल रंग का लहू आता है पीरियड्स में तो गर्भवती होना भी मुश्किल हो जाता है इसीलिए जीवन शैली सुधारे, पालक, अंजीर, खजूर और ऐसे लोह तत्त्व ज़्यादा हो ऐसे आहार का सेवन शुरू करे| 

नारंगी-भूरा रंग लहू महावरी में - Bluish (Narangi) periods in Hindi

  • हेवी पीरियड विथ क्लॉट्स हो या तो पीरियड कलर नारंगी-भूरा हो तो यह एक समस्या का संकेत है| 
  • नारंगी रंग का लहू हो पीरियड्स में और साथ में बदबू भी हो तो यह संभव है की कोई संक्रमण है और गर्भाशय के द्रव्य लहू के साथ मिलके ऐसे हालात खड़े करते है| 
  • ब्लड क्लॉट्स इन पीरियड साधारण बात है और यह अंत में होते है मगर भूरा या नारंगी रंग याने की आप को तुरंत डॉक्टरी जांच करवाना आपके लिए लाभदायी होगा क्योंकि आगे जाके समस्या बढ़ने की संभावना है| 

साधारण लाल रंग पीरियड – Medium Red Period in Hindi 

  • पीरियड कलर इन हिन्दी साधारण लाल रंग का हो तो चिंता की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक ठाक है| 
  • महावरी के बीच के और शुरू के समय में पीरियड का लाल रंग होता है क्योंकि गर्भाशय के अंदर की परत निकल जाती है और दूसरी तैयार होने लगती है| जितनी जल्दी से यह परत बाहर आएगी उतना उसका रंग सही लाल होगा और अगर एक-दो दिन रह जाए तो रंग बदल के ब्राउन हो सकता है हवा के लगने से| 
  • चिंता की बात नहीं है, बस पोष्टिक लोह तत्त्व युक्त आहार लेते रहे| 
  • हेवी पीरियड विथ क्लॉट्स हो और यह हालत हर एक महावरी में हो तो जागृत हो के डॉक्टरी जाँच करवाए|

गुलाबी लाल और धब्बे वाला लहू पीरियड में – Pink Red Light Spotting During Periods in Hindi

  • गुलाबी लाल और हल्के रंग का खून महावरी के दौरान यह बता देता है की एस्ट्रोजन(estrogen) की मात्रा शायद कम हो जो आज नहीं तो भविष्य में समस्या खड़ी कर सकती है| 
  • अगर हर महावरी में ऐसा होता रहा तो एक बार गयनेकोलॉजिस्ट(gynaecologist) के पास ज़रूर चेकप करवाए| 

माहवारी में खून के थक्के (bloodclots) - Periods Bleeding Clots in Hindi

  • ब्राइट रेड पीरियड ब्लड हो या डार्क पीरियड ब्लड हो यह सामान्य बात है मगर इसके अंदर थक्के याने क्लॉट्स (clots)हो तो यह संकेत करते है की प्रोजेस्टेरोन(progesterone) की मात्रा कम है और एस्ट्रोजन(estrogen) की मात्रा ज़्यादा है| 
  • महावरी दौरान गर्भाशय के अंदर की परत निकल जाती है तो सामान्य थक्के तो खून में होते है मगर बड़े हो कद मे तो यह हॉर्मोन असंतुलन के कारण हो सकते है| 
  • सामान्य तौर पर चिंता करने की ज़रूरत नहीं है छोटे मोटे क्लॉट हो तो क्योंकि यह शरीर का कार्य है की खून का बहाव हो तो उसको बंद करने के लिए थक्के हो जाए| 
  • महावरी के अंत में ब्राउन पीरियड ब्लड आता है और यह भी चिंता का विषय नहीं है| कभी कभी ब्लैक पीरियड ब्लड दिखाई देता है क्योंकि खून जमा हो के हवा लगने पर गहरे रंग का हो जाता है| 
  • हेवी पीरियड विथ क्लॉट्स परिस्थिति कई महिलाओ मे पाई जाती है जो ऐसे तो चिंता का विषय नहीं है मगर ज़्यादा खून के बहाव से एनीमिया हो सकता है जिसके कारण थकान और कमज़ोरी आ जाती है तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले| 
  • हेवी पीरियड्स याने प्रोजेस्टेरोन(progesterone) की कमी का संकेत और फ़िब्रोइड की मौजूदगी का संकेत हो सकता है जबकि हल्की सी महावरी हो तो थाइरोइड(thyroid) प्रॉब्लम हो सकती है| 
  • जिन महिलाओ को गर्भपात हुआ है तो महावरी के समय भूरे-काले रंग के थक्के बाहर निकलते है जो मामूली है मगर यह परिस्थिति हर एक महावरी में ना हो इसका ध्यान रखे और हो तो डॉक्टर के पास फ़ौरन चले जाए| 
  • कई महिलाओ का गर्भाशय चौड़ा हो जाता है और जल्दी से संकुचित नहीं होता है गर्भदान के बाद तो ऐसे में अंदर खून जमा हो के क्लॉटिंग होती है और खून का रंग भी गहरा हो जाता है| 
  • गर्भाशय संकुचित हो जाए या रुकावट हो तो भी ब्राउन पीरियड ब्लड दिखाई देता है और क्लॉट्स होते है| मीनोपॉज(Menopause) के समय गर्भाशय का मुख संकुचित होने पर खून रुक जाता है और रंग गहरा हो के साथ में ब्लड क्लॉट्स इन पीरियड आते है| 

केसरी रंग पीरियड ब्लड - Orange Blood Periods in Hindi

  • ऑरेंज पीरियड कलर और थोड़ीसी चिकनाहट साधारण हालत है महावरी में| 
  • बदबूदार बहाव हो तो यह संकेत है की किसी तरह का संक्रमण हो गया है| जाँच करवाए| 
  • केसरी रंग की महावरी का बहाव हो और साथ में दर्द होता है तो भी कोई समस्या है यह जान कर डॉक्टर से परीक्षण करवाए| 
  • केसरी रंग तभी होता है जब अन्य बहाव के साथ लहू का मिश्रण होता है तो ज़्यादा चिंता ना करे| 
  • डार्क ब्राउन डिसचार्ज भी साधारण है क्योंकि जब लहू ज़्यादा समय तक शरीर में रहता है तो रंग गहरा हो जाता है| 
  • जब बहाव धीमा होता है तो ब्राउन पीरियड ब्लड दिखाई देता है और यह प्रारंभिक दिनों में ज़्यादा दिखाई देता है जब डार्क पीरियड ब्लड का स्त्राव होता है| 
  • महावरी के बाद भी गर्भाशय के अंदर की परत जो बिल्कुल बाहर नहीं निकल गई है वो दूसरी महावरी के समय जब बाहर आती है तो ब्लैक  पीरियड ब्लड, ब्लड क्लॉट्स इन पीरियड और ब्राउन मेंस्ट्रुएशन(menstruation) के रूप में प्रगट होता है| यह साधारण बात है| महावरी के आखरी दिनों मे ब्लैक मेंस्ट्रुएशन(menstruation)और डार्क ब्राउन डिस्चार्ज होना आम बात है| 

महावरी अनियमित या तो ना आना - Irregular Periods in Hindi

  • हर 28 दिनों को महावरी होनी चाहिए यह एक आम मान्यता है मगर कई महिलाओ में ऐसा भी होता है की समयसर महावरी नहीं होती है या तो होते ही नहीं है| बढ़ती उमर मे 40 साल की उमर के बाद तो दो महावरी के बीच का अंतर भी बढ़ जाता है मेनोपॉज़(menopause) के करीब आते| 
  • ऐसे में गर्भाशय की अंदर की परत भी जल्दी से उखड़ के बाहर नहीं होती है और हेवी पीरियड विथ क्लॉट्स, ब्राउन पीरियड ब्लड या पीरियड ब्लड ब्राउन कलर का होना मामूली बात है| 
  • जब अंडाशय में से अंडा बाहर ना निकले तो महावरी नहीं हो पाती है| जवान महिलाओ मे ऐसा कम होता है मगर बढ़ती उमर मे ऐसा होने लगे तो मेनोपॉज़ करीब है यह सोच ले| 
  • कभी कभी 28 दिनों के बदले 35 दिनों को महावरी होती है जो कभी कभी हो तो चिंता की ज़रूरत नहीं है| यह ज़्यादा थकान, ज़्यादा श्रम, अनियमित आहार और तनाव से हो सकता है| 
  • ऐसे ही खून का बहाव जल्दी से शुरू हो, 28 दिनों के पहले या तो 35 दिनों के बाद तो भी यह स्वास्थ मे तकलीफ़ है इसका संकेत है| 
  • जो महिला बर्थ कंट्रोल पिल्स याने गर्भनिरोधक गोली लेती है तो उनमे भी यह स्किप्पिंग पीरियड्स देखा जाता है| 
  • पोल्य्सिस्टिक ओवेरियन  सिंड्रोम (Polycystic ovarian syndrome) है जिसमे अंडाशय में छोटे छोटे सिस्ट(cyst) याने पुतली हो जाती है जो अंडे को बाहर आने मे अवरोधक होती है| 
  • थाइरोइड की समस्या हो तो भी स्किप्प्ड पीरियड्स हो सकते है| 
  • एनीमिया हो तो भी स्किप्प्ड पीरियड्स होने की संभावना है| 
  • हो सके तो तनाव कम करे, पोष्टिक आहार ले, 8 घंटे नींद ले और व्यायाम करे और खास कर के लोह तत्त्व ज़्यादा हो ऐसे आहार ले| 

पीरियड कलर (perios color in hindi) आप ने जान लिए की कौन सा रंग किस समस्या का संकेत हो सकता है| सब से गंभीर है ग्रे – भूरा रंग और साथ में बदबू जो संक्रमण के चिन्ह् है जिसके लिए फ़ौरन इलाज करवाए|

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