जड़ी बूटी से इलाज व उपचार - Jadi Buti se ilaj in Hindi

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जड़ी बूटी से इलाज, जड़ी बूटी से उपचार (Health Benefits of Herbs in Hindi, Jadi Buti se ilaj in Hindi, Jadi Buti se Upchar in Hindi): वनस्पति के कई वर्ग है। एक तो है की जो इंसान खा सकता है हर रोज सब्जी के रूप में। एक है की जो जानवर खाते है मगर मनुष्य नहीं। एक बाजू है ऐसे वनस्पति जो ज़हरीले होते है। और एक है जड़ी बूटी। जड़ी बूटी में भी दो प्रकार माने जा सकते है। एक है जड़ी बूटी जो की सिर्फ़ औषध के उपयोग में लिया जाता है और एक वर्ग है जड़ी बूटी का जो औषध भी है, आहार भी है और मसाला भी। इन के गुण होते है इन मे मौजूद रसायन के कारण जिन का असर अलग अलग है रसायन के अनुसार। जानिए हर्ब्स (herbs in hindi) और जड़ी बूटी के उपयोग स्वास्थ्य के लिए और रोगो के उपचार में। जड़ी बूटी का असर हल्के से होने लगता है और फिर कोई खास दुष्प्रभाव भी नहीं है। जड़ी बूटी की सम्बंधित संपूर्ण जानकारी पाना तो सालो की मेहनत लगती है तो यह शॉर्टकट में जानिए किस हालत में कौन सी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी काम में आएंगी।
 

जड़ी बूटी से इलाज - Jadi Buti se ilaj in Hindi

जड़ी बूटी से इलाज करे रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने का - Herbs Uses to Boost Immune System in Hindi 

  • जानिए कौन से ऐसे पौधे (plant) है जिनके सेवन से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। जड़ी बूटी में श्रेष्ट है दालचीनी जिसको पीस के शहद के साथ चाटने से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ जाती है।
  • कड़ी पत्ता जड़ी बूटियाँ एक ऐसी जड़ीबूटी है जिसे हर रोज के खाने में लिया जाता है और इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक शक्ति बरकरार रहती है, खास कर के पाचन, बाल और दिल के लिए। 
  • ईमली भी एक ऐसे देसी जड़ी बूटी है जो दाल और चटनी में अक्सर उपयोग होती है और साथ में शरीर को गर्मियो में ठंडक देने के साथ रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है। विटामिन C की कमी, सर्दी, जलन आँत में और दस्त आदि से छुटकारा मिलता है।
  • दस्त, ऐलर्जी, कील और सरदर्द का इलाज हरे धनिया पत्ते से करे तो तो यह जड़ी बूटी से इलाज करने से साथ में रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाती है।
  • हर रोज खाली पेट अदरक का रस, काली मिर्च, नींबू का रस और शहद मिला के सेवन करे तो रोग प्रतिरोधक शक्ति ताकतवर रहती है।
  • अन्य आयुर्वेदिक नुस्खे रोग प्रतिरोधक शक्ति के लिए है यष्टिमधु और आमला जिनके गुण को नज़र अंदाज़ ना करे और हर रोज सेवन करे।

(और पढ़े - आंवला खाने के यह अनगिनत फायदे नहीं जानते होंगे आप )

जड़ी बूटी से इलाज करे सूजन का – Health Benefits of Herbs for Inflammation in Hindi

  • आयुर्वेद में जड़ी बूटी के नुस्खे सूजन कम करने और मिटाने के लिए भी किया जाता है, चाहे यह अंदर आँत का या अन्य कोई कारण से हो या उपर से चोट लगने के वजह से हो। इस में उत्तम जड़ी बूटी है हल्दी जिसके कई आयुर्वेदिक नुस्खे है। गठिया में सूजन हो तो हल्दी दूध का सेवन करे और सरसों तेल गरम कर के हल्दी मिला के मालिश करे जोड़ो पर।
  • शरीर में किसी कारण से सूजन हो तो पाचन तत्र को सही करने के लिए हर रोज चुकंदर खाए और चुकंदर जड़ी बूटी से उपचार करे तो शीघ्र यह समस्या का हल होगा।
  • ऐसे ही गाजर और मूली जड़ी बूटी का रस निकाल के पीए तो सूजन कम होगी शरीर में।
  • अदरक का रस, नींबू का रस, शहद और काली मिर्च का सेवन करे तो भी सूजन का इलाज होता है।
  • एनीमिया, पीलिया और आँत के रोग के कारण सूजन हो तो पुनर्नवा का सेवन करे। साथ में थोड़ी सी सोंठ, पीपरामूल, आमला , हरीतकी (हरड़), चित्रक और विडंगा का चूर्ण भी मिलाए।

जड़ी बूटी से इलाज करे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का - Health Benefits of Herbs for Blood Pressure and Cholesterol in Hindi

  • जड़ी बूटी में इतना जादू है की इसमें उच्च रक्तचाप और निम्न रक्तचाप के आयुर्वेदिक नुस्खे कई है जैसे की सिर्फ़ 2 चम्मच जटामांसी का सेवन सवेरे करे तो उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।
  • जड़ी बूटी का उपयोग एक से भी ज़्यादा होता है जैसे की अर्जुन छाल दिल के बीमारियो से रक्षण करता है और साथ में उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रण में ला देता है।
  • ठीक इसी तरह अश्वगंधा जो मासपेशियो के विकास में काम आती है और दिमाग़ को शांत भी करती है तो इस जड़ी बूटी के फायदे उच्च रक्तचाप में भी कामयाब साबित हुए है।
  • जड़ी बूटी का नाम (Herbs plants names) जानना ज़रूरी नहीं है बस इस की बनावट को जाने जैसे की त्रिफला जो पेट साफ रखने के साथ कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखता है और रक्तचाप भी नियंत्रण में रहता है। ऐसे तो त्रिफला में होता है आमला, हरीतकी (हरड़) और बहेड़ा । 
  • स्वास्थ्यवर्धक आमला, लहसुन, अजवाइन का नियमित सेवन करे तो रक्तचाप नियंत्रण में रहेगा।
  • निम्न रक्तचाप भी एक अजीब हालात है जिस के लिए हर रोज गन्ने का रस, पानी में नमक और गाय का देसी घी का उपयोग करना लाभदायी है।
  • कोलेस्ट्रॉल के लिए शुद्ध गुग्गुल, पीपरमूल, अदरक, यवक्षार , वसा, त्रिफला और उपर बताए जड़ी बूटी के फायदे अनेक है। इसके अलावा BP और कोलेस्ट्रॉल के लिए तुलसी भी फायदा देती है।

(और पढ़े - क्या खाये कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए ? )

जड़ी बूटी से इलाज करे अल्जाइमर का - Herbs Used to Treat Alzheimer's Disease in Hindi

  • अल्जाइमर रोग के लिए जड़ी बूटी के नुस्खे जानिए। यह दिमाग़ को होने वाली बीमारी है और इसके लिए अश्वगंधा चूर्ण हर रोज कम से कम 25 ग्राम खाना बहुत फायदकारक है।
  • अल्जाइमर का देसी जड़ी बूटी से इलाज हो सकता है जबकी एलोपैथिक दवाई से सिर्फ़ लक्षण नियंत्रण में रहते है तो हर रोज गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी और थोड़ा सा घी डाल के सेवन करे।
  • ब्राह्मी और शंखपुष्पी उत्तम आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है दिमाग़ तेज करने के लिए और इनसे अल्जाइमर से भी रक्षण मिलता है और हो गया है तो लक्षण कम हो जाते है।
  • अल्जाइमर का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट है गोटू कोला जिससे ज्ञानतंतु और प्रणाली बिल्कुल सक्षम हो जाती है मगर ध्यान मे रहे की रक्तचाप की दवाई के साथ ना ले। 
  • जड़ी बूटी के फायदे (Benefits of herbs in hindi) बताए तो पूरे शरीर और स्वास्थ्य पर होता है जैसे की गुग्गुल जड़ी बूटी जो कोलेस्ट्रॉल के लिए लाभकारी है तो साथ में अल्जाइमर में भी लाभ मिलता है।

जड़ी बूटी से उपचार करे कैंसर का - Health Benefits of Herbs for Cancer in Hindi 

  • कैंसर जैसे गंभीर हालात में भी जड़ी बूटी के लाभ अनेक है। कैंसर कई प्रकार के होते है और एलोपैथी में इसे मिटाने के तरीके है और कई कैंसर का कोई इलाज नहीं है ऐसा माना गया है। मगर सैंकड़ों सालो से आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट कैंसर का पुनर्नवा से होता आया है जिसका प्रयोग पहले चरण में करने से ज़रूर लाभ होगा। 
  • जानकार आश्चर्य होगा मगर पूज्य गौ माता का मूत्र भी कैंसर का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट करने में गुणकारी होता है। इसे शुद्ध गौ के घी में मिला के पिए हर रोज।
  • तुलसी की पूजा ऐसे ही नहीं होती है। यह अनेक रोगो में काम में आती है और साथ में कैंसर आयुर्वेदिक इलाज के लिए उत्तम जड़ी बूटी साबित हुई है। तुलसी के बीज, जड़ और पत्ते को पीस के रस का सेवन दिन में 5 बार करे।
  • जड़ी बूटी की पहचान मुश्किल है मगर नीम को तो हर कोई पहचान लेता है और इस के पत्ते का रस पिए या तो ताजे कोमल पत्ते को दिन में तीन बार चबा के खाए कैंसर जैसे हालत से मुक्ति प्राप्ति के लिए।
  • बारहमासी (सदाफूली) पौधे को हमेशा फूल लगे रहते है सफेद या गुलाबी और यह कद में छोटा होता है और यह है इस जड़ी बूटी की पहचान| महत्वपूर्ण बात यह है की वैज्ञानिक प्रयोग में भी यह साबित हुआ है की यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी से उपचार कैंसर मे सफल रहा है।
  • आमला, गिलोय, हल्दी, लहसुन, घृत कुमारी, अदरक, गेहू के ज्वारे का रस, लाल मिर्च खाने से हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ हर्ब्स मिलते है और साथ में कैंसर से रक्षण प्राप्त होता है।

(और पढ़े - कैंसर का ऐसा घरेलु इलाज, जो लास्ट स्टेज में भी करता है काम )

जड़ी बूटी से उपचार करे दाँत और मसूड़ों का - Health Benefits of Herbs for Healthy Teeth and Gums in Hindi     

  • जड़ी बूटी के लाभ दाँत और मसूड़ों के लिए अनेक है जैसे की दातो मे सड़न, मसूड़ों से खून बहना, दाँत में कीड़े हो और दाँत ढीले हो गये हो। मसूड़ों में पायरिया हो जाए तो सेंधा नमक, बादाम का जलाया हुआ छिलका, कपूर, काली मिर्च, फिटकरी भस्म और लौंग को साथ मिला के हर रोज मसूड़ों पर मंजन करे तो खून भी बहना बंद  होगा और बदबू भी मिट जाएगी। 
  • मसूड़ों में दर्द हो तो सरसों तेल और हल्दी के मिश्रण से मालिश करे। सिर्फ़ सरसों के तेल को मुँह मे घुमाए, थूक दे और फिर से क्रिया करे तो दांतो का कष्ट कम होगा। 
  • नारंगी खा ले और इसके छिलके को दातो के जड़ी बूटी के लिए उपयोग करे दाँत घिसने के लिए तो पायरिया  ठीक हो जाता है।
  • दाँतों का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में अनार के छिलके और पत्ते को पीस के दाँत मंजन करे।
  • दाँतों का और मसूड़ों का जड़ी बूटी से इलाज करे जिस मे आम की गुठली पीस के दाँत मंजन करे।
  • दाँत ढीले हो जाए तो देसी जड़ी बूटी से इलाज करने के लिए अमरूद के पत्ते को चबाये। इसी तरह नीम की डंडी से दाँत मंजन करे और पत्ते चबाये तो मुँह मे कीटाणु का नाश होगा और दाँत मजबूत बने रहेंगे लंबे समय तक।
  •  सेमल पेड़ की छाल,  बबूल पेड़ की छाल, तुलसी सभी उत्तम जड़ी बूटियाँ है दाँत और मसूड़ों को सड़न से बचाने और मजबूत बनाए रखने के लिए जब की दातो मे अचानक दर्द हो तो लौंग मुँह मे रखने से फायदा होता है। 

(और पढ़े - दांत दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए उपाय )

जड़ी बूटी से इलाज करे गठिया का – Herbal Treatment for Arthritis in Hindi

  • गठिया याने arthritis के लिए जड़ी बूटी के नुस्खे अनेक है। सबसे सरल है की लहसुन और अदरक का सेवन करे और इन दोनो को पीस के सरसों तेल में थोड़ा पका के छान के रखे और यह तेल में कपूर मिला के जोड़ो की मालिश हर रोज रात को करे।
  • गठिया के लिए बेहतरीन  आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है शल्लकी। इसका रस बना के पीए या तो तैयार गोली का सेवन करे दिन में 3 बार। 
  • जड़ी बूटी के लाभ गठिया में अवश्य मिलते है जहाँ एलॉपथी में इसके लिए इतने असरकारक कोई निवारण नहीं है। हल्दी ले और सरसों तेल में मिला के मालिश करे गठिया पर।
  • गठिया में उपयोगी हर्ब्स प्लांट्स नेम्स में आस्त्रागालुस जाना माना है। इसका चूर्ण मिलता है जो पुदीना, तुलसी, अदरक और ग्रीन टी के साथ काढ़ा बना के दिन में 3 बार सेवन करे। 
  • शरीर में विष होना और मेड बढ़ना भी गठिया के लिए ज़िम्मेदार हो सकते है तो गुग्गुलु गठिया के लिए श्रेष्ट औषध है।

(और पढ़े - देखें पुरानी से पुरानी गठिया का इलाज )

जड़ी बूटी से उपचार करे मधुमेह का - Health Benefits of Herbs for Diabetes in Hindi

  • मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसको मिटाने के लिए एलोपैथी में कोई दवाई नहीं है मगर जड़ी बूटियाँ आयुर्वेदिक नुस्खे ज़रूर है। जिन्हे मधुमेह है वो दिन मे दो बार जंबुल के बीज का चूर्ण का सेवन करे तो ब्लड शुगर बिल्कुल निम्न हो जाएगा। 
  • केरला के मधुमेह आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में मरीज़ को सिर्फ़ आमला का रस और हल्दी का मिश्रण दिन में तीन बार सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • मधुमेह के लिए खास जड़ी बूटी है तो वो है गुड़मार जिसका नाम ही संकेत करता है की यह खून मे रहे शर्करा को कम कर देता है।
  • जड़ी बूटी का उपयोग जो मधुमेह के रोगी को करना है वो है त्रिफला दिन में 2 बार और सवेरे खाली पेट करेले का रस।
  • मधुमेह में हर्ब्स बेनिफिट्स बताए तो शरीर के अन्य ग्रंथियो को कोई नुकसान नहीं होता है बल्कि यह मजबूत भी होते है जैसे कि नीम का पानी पीए तो शुगर नियंत्रण में आ जाता है।
  • मधुमेह के रोगी को अवश्य बेल के पत्ते का रस सेवन करना फायदकारक साबित होता है।
  • मेथी हमेशा आहार में लेते रहे।

(और पढ़े - डायबिटीज को जड़ से ख़त्म कर देंगे यह घरेलु उपाय। )

जड़ी बूटी से इलाज करे थायराइड का - Health Benefits of Herbs for Thyroid in Hindi

  • थायराइड ग्रंथि में से निकलता थायरोक्सिन हॉर्मोन दूसरे सभी ग्रंथियो की कार्यक्षमता के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर कम है तो परेशानी और ज़्यादा हो तो भी परेशानी इसीलिए थायराइड को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हर रोज अश्वगंधा चूर्ण 5 ग्राम से 10 ग्राम दूध में घी और चीनी के साथ रात के समय लेते रहे थायराइड का देसी जड़ी बूटी से इलाज मे|
  • हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायराइड हालत हो तो मुलेठी का पौधा (plant)बहुत उपयोगी होता है संतुलन लाने में। इसकी जड़ के टुकड़े को चूसते रहे।
  • थायराइड के लिए जड़ी बूटी के नुस्खे में अलसी के बीज के सेवन से फायदा होता और थायराइड नॉर्मल हो जाएगा।
  • थायराइड में गेहूँ के जवारे जड़ी बूटी के लाभ कई है। शरीर में लहू की मात्रा भी बढ़ जाएगी और नवचेतना आ जाएगी। हर रोज 100 ग्राम रस पीते रहे।
  • थायराइड की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए आयोडीन तत्व ज़रूरी है जो आयोडीन युक्त (iodized) नमक में से मिलेगा और समुद्री मछली के खाने से। काले अखरोट में भी आयोडीन काफ़ी मात्रा में होता है और हर रोज 50 ग्राम खाए तो काफ़ी है।

(और पढ़े - थायराइड के लक्षण, कारण, उपचार व सावधानियां )

जड़ी बूटी से इलाज करे टेस्टोस्टेरोन का - Health Benefits of Herbs for Testosterone in Hindi

  • टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन से सिर्फ़ पौरुष ही नही बनी रहती बल्कि मासपेशियो का विकास होता है, दिमाग़ तेज रहता है और आदमी स्फूरतीला रहता है। बढ़ती उमर मे टेस्टोस्टेरोन कम होने लगे तो इसके लिए टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने वाली जड़ी बूटी से उपचार करे जिसमें सरल और आखिर उपाय है मेथी दाने। मेथी के लड्डू बना के खाए, पाउडर पानी में मिला के पीए, मेथी के दाने अंकुरित करके खाए या घी के साथ सेक के खाए।
  • टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के जड़ी बूटी से इलाज करे जिसमे ले अश्वगंधा, विदारीकन्द, सफ़ेद मूसली, अकरकरा, गोखरू, शतावरी और आमला दिन में 2 बार 10 ग्राम जितना चूर्ण दूध या घी के साथ खाए। 
  • टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में जड़ी बूटी का उपयोग करना है तो देवदार पेड़ की छाल का काढ़ा बनाए और एल आर्जिनाइन (L-Arginine) गोली भी साथ मे ले। 
  • टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के आयुर्वेदिक नुस्खे में अलसी के बीज, अखरोट, पत्ता गोभी, आलू|
  • जिनसेंग इंडिया में नहीं बनती है मगर उपलब्ध ज़रूर है तो इस का सेवन करे टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए किया जाता है। 

(और पढ़े - टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन्स को कैसे बढ़ाये )

जड़ी बूटी से उपचार करे बवासीर का - Jadi Suti se ilaj for Piles in Hindi

  • बवासीर हो जाए जिसे अर्श रोग भी कहते है तो जड़ी बूटी के उपयोग में अजवाइन ले और मूली के रस में डाल के सेवन करे। चाहे तो साथ मे काला जीरा भी मिलाए तो और भी फायदा होगा।
  • बवासीर के लिए जड़ी बूटी के नुस्खे में कपूर ले, पक्के केले को खड़ा काट दे दो टुकड़ो में, कपूर अंदर भर के रात भर रखे और सवेरे छोटे टुकड़े करके निगल ले चबाये बिना।
  • बवासीर में जड़ी बूटी के लाभ ज़रूर ले क्योंकि एलोपैथी दवाई से तो कई बेहतर है जैसे की नागदोन का पत्ता। नागदोन का पत्ता चबाये हर रोज तो खूनी बवासीर मिट जाती है। 
  • बवासीर का देसी जड़ी बूटी से इलाज करना है तो नारियल के छिलके को कूट दे और छाछ के साथ मिला के हर रोज पीए।
  • बवासीर को मिटाना है तो नीम के कोमल पत्ते का आयुर्वेदिक र्ट्रीटमेंट करे। पत्ते को घी में भुन दे थोड़ा सा कपूर के साथ और मल द्वार पर लगाए।

(और पढ़े - बवासीर हमेशा के लिये ख़त्म करने का अचूक घरेलू नुस्खा )

जड़ी बूटी से इलाज(health benefits of herbs in hindi)आप ने जान ही लिया कि कितने फायदकारक है अन्य स्वास्थय संबंधित परेशानियो में। जड़ी बूटी के लाभ ले क्योंकि इन का कोई दुष्प्रभाव नहीं है बल्कि पूरे शरीर पर अच्छा असर करके लंबी उमर तक स्वास्थ्य बनाये रहता है।

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3 Comments

Rahul Maurya, Mar 27, 2018

Aapka yeh article bahut hi faayedemand hain...isme aapke dawara bataye hue daadi maan ke gharelu nuskhe me jo bhi inka prayog karega unhen nischit roop se faayeda hoga. Maine kuch nuskho ka prayog karna shuru kiya hai aur iske achche parinaam mile hain. Aisa kimti aur helpful article likhne ke liye aapka bahut bahut dhanyavaad Sir.

मिनी माइकल, Mar 20, 2018

धातु रोग इलाज बताइए लेकिन मुझे आप सिर्फ़ ऐसा इलाज बताएँ जिससे कि वो इलाज मैं सिर्फ़ जड़ी बूटी से कर पाउन|

सरबजीत सिंग, Mar 01, 2018

रामदेव ने कहा कि गिलोय एलो वेरा पपीते के पत्ते और अनार का जूस पीने से डेंगू से मुक्ति मिल सकती है.... क्या ऐसा सच में होता है क्या प्लीज आप मुझे डेंगू भागने का टिप्स इन हिंदी में बताएँ