जड़ी बूटी के फायदे - Health Benefits of Herbs in Hindi

जड़ी बूटी के फायदे - Health Benefits of Herbs in Hindi

पूर्ण काल से स्वस्थ के लिए जड़ी बूटी का उपयोग किया जाता आया है। सिर्फ़ भारत में ही नहीं जहाँ आयुर्वेद का इतना विकास हुआ था पूर्ण काल में, बल्कि दुनिया भर में लोगो ने जड़ी बूटी का सहारा लिया है हज़ारो सालो से रोग निवारण और स्वास्थ्य के लिए। जानिए जड़ी बूटी के बारे में, जड़ी बूटी के फायदे और जड़ी बूटी से उपचार। यह आल्लोपथिक दवाई की तुलना में कम असर वाले नहीं होते है और इन से स्वस्थ बढ़ जाता है रोग के शमन के साथ।

जड़ी बूटी की जानकारी - herbs meaning in Hindi

  • जड़ी बूटी माने क्या? जड़ी बूटी हमेशा वनस्पति से ही पायी जाती है।
  • (Plant in hindi) याने पौधा और जड़ी बूटी ज़्यादातर पौधे और पेड़ से मिलती है।
  • जड़ी बूटियो की बात करे तो पेड़ या पौधे के पत्ते, डाली, छिलके, बीज, फूल और मूल के भाग समावेश होते है और हर एक का अलग गुण और उपयोग होता है रोग निवारण के लिए या स्वास्थयवर्धक गुणों के लिए।
  • (Medicinal plant in Hindi) जानिए की ऐसे तो जंगल में पाए जाते है मगर आज कल इस की नियमित रूप से खेती भी होती है।
  • जड़ी बूटी प्लांट हिन्दी में जानिए की इस का उपयोग सिर्फ़ औषध के रूप में ही नहीं बल्कि मसाले की तरह भी उपयोग किया जा सकता है। Herbs in India ऐसे है की रोज़मर्रा के खाने में उपयोग भी होते है और औषध के रूप में भी।

जड़ी बूटी की पहचान – Knowing herbal plants

  • Herbs plants names से हम जान सकते है की यह किस प्रकार की औषधि है और किस रोग या स्वस्थ संबंधित हालत में उपयोग किया जाना चाहिए।
  • आम तौर पर साधारण लोगो को पेड़ या पौधे देख के जड़ी बूटी की पहचान करना मुश्किल होता है क्योंकि कई ऐसे पेड़ और पौधे है जिनके पत्ती एक दूसरे से मिलती जुलती है। ऐसे में पहचान उस के स्वाद से, पत्ते के प्रकार से, फूल, फल और बीज या तो मूल से भी किया जाता है।
  • कई जड़ी बूटी के पौधे पानी मे उगते है, कई ज़्यादा उँचाई नहीं पाते है, कई सिर्फ़ बारिश में उगते है, कई जड़ी बूटी पत्ते के रंग और आकार से पहचाने जाते है, ऐसे विभिन्न तरीके है जड़ी बूटी को पहचानने के।
  • कई ऐसे जड़ी बूटी है जो पार्वती इलाक़े या ठंडे जगह पर ही पायी जाती है और कई जड़ी बूटियाँ सिर्फ़ गर्म प्रदेश में उगती है।
  • कई जड़ी बूटी जैसे वंशलोचन, बाँस के डंडी के बीच में होते है और कई तो जड़ होते है और जब तक जड़ ना निकले तो उस की पहचान सही तरह से नहीं होती है। कई जड़ी बूटी को चख के देखना पड़ता है पहचान करने के लिए।

व्याकुलता और चिंता के लिए जड़ी बूटी - Herbs benefits for anxiety in hindi

  • जड़ी बूटी के नुस्खे हर एक हालत में काम में आते है और व्याकुलता जैसे परिस्थिति में भी जड़ी बूटी का उपयोग लाभदायी होता है।
  • जो जड़ी बूटी के उपयोग किए जाते है व्याकुलता और तनाव कम करने के लिए वो है अश्वगंधा,  जटामांसी और गलांगल। इन से दोष का शमन होता है, स्मृति बढ़ती है और चित्त शांत हो जाता है।
  • त्रिफला भी एक गुणकारी जड़ी बूटी है जो पाचन तंत्र सुधारे, पित्त का शमन करे और शरीर में से विष बाहर निकल के सेहत बढ़ा देती है।
  • व्याकुलता और तनाव में आयुर्वेदिक जड़ी बूटी लेने से सकरात्मक परिणाम मिलते है और प्राकृतिक तरीके से इस तकलीफ़ से मुक्ति मिलती है।
  • व्याकुलता में जड़ी बूटी के फायदे तो है ही और साथ में इस के कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है जो एलोपेथिक दवाई में होता है जैसे की नींद ज़्यादा आना, अमला और यकृत पर बुरा असर।

आयुर्वेदिक जड़ी बूटी से वजन कम करे - herbs for weight loss in Hindi

  • आयुर्वेद में हर कोई रोग और हालत के लिए जड़ी बूटी उपलब्ध है। वजन कम करना है तो जड़ी बूटी से उपचार करे, एलोपेथिक दवाई से नहीं।
  • जड़ी बूटी के लाभ और रहस्य मे वजन कम करने में फायदा यह है की इन का असर पाचन पर होता है और दोष का भी शमन करते है।
  • देसी जड़ी बूटी का उपयोग वजन कम करने के लिए करे तो शरीर मे से विष भी निकल जाता है जिस से फैट जमा नहीं होता है और यकृत की कार्यक्षमता सुधार जाती है।
  • मेड और वजन कम करने के लिए जो जड़ी बूटी का उपयोग होता है उन मे से है करेला, नीम, वृक्षमला, त्रिफला, अशोका, कालमेघ ,  गुग्गुल , कटुकी, चिटक (chitak), मुस्ताक़ (mustak) ,घृत कुमारी और अग्निमंथ(agnimantha)।
  • वजन कम करने के लिए आहार ही औषध है और फल सब्जी का ही सावन करे तो भी यह जड़ी बूटी का काम करती है, शरीर मे से विष निकाल देती है, कोलेस्टरॉल कम करती है, दोषो का नाश होता है और वजन नियंत्रण में रहता है। हर एक ग्रंथि की कार्यक्षमता बढ़ने से तंदूरस्ती बढ़ती है और वजन कम होता है जड़ी बूटी के सहारे।

उदासीनता का उपाय जड़ी बूटी में हैं  - Jadi butti herbs for depression in Hindi

  • शारीरिक और मानसिक कारण से व्यक्ति पर उदासीनता छा जाती है तो ऐसे हालत में जड़ी बूटी से इलाज उत्तम है, ना की एलोपेथिक दवाई से।
  • वाचा देसी जड़ी बूटी से इलाज करे तो उदासीनता का शमन होता है और यह बुद्धिवर्धक भी है।
  • ज्योतिषमति उत्तम देसी जड़ी बूटी इलाज है क्योंकि इस से बुद्धि बढ़ती है, पाचन बढ़ती है और दिमाग़ पर भी इस का सीधा असर होता है।
  • आयुर्वेदिक जड़ी बूटी जो उदासीनता और तनाव में काम आता है वो है अश्वगंधा जिस को दूध के साथ सेवन करे तो शक्तिवर्धक होती है, नींद अच्छी आती है और शरीर में उर्जा रहती है।
  • आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट उदासीनता के लिए है हींग, अदरक, जायफल और हल्दी चूर्ण का मिश्रण दूध में मिला के पीने से तनाव और उदासीनता का असर कम हो जाता है|

उर्जा के लिए जड़ी बूटी - herbs for energy in Hindi

  • बढ़ती उमर के कारण, ख़ान पान मे ध्यान ना रखने से, पूर्ण प्रमाण में नींद ना होने से और जीवन शैली में ऐसा हो जाता है की शरीर में उर्जा की कमी महसूस होती है तो जड़ी बूटियाँ के सहारे इस का इलाज ज़रूर हो सकता है।
  • आयुर्वेदिक नुस्खे उर्जा बढ़ने के लिए है अश्वगंधा, शतावरी, विदारीकन्द, सफेद मुसली और घी को मिला के गुड़ के साथ  छोटा लड्डू बना के हर रोज सेवन करे।
  • आयुर्वेदिक नुस्खे द्वारा उर्जा बढ़ाए और इस में मसाले के उपयोग से भी फायदा होता है जैसे की लहसुन, अदरक, दालचीनी, काली मिर्च और लाल मिर्च सभी को चटनी बना के खाए तो मेटाबोलिज्म (metabolism) तेज होने से शरीर स्फूरतीला बना रहता है।
  • उर्जा कभी कभी दिमागीय थकान से कम हो जाती है तो जटामांसी, ब्राहमी और भ्रंगराज के रस का सेवन करे तो ज़रूर उर्जा में बढ़ोतरी होगी क्योंकि दिमाग़ की कार्यक्षमता बढ़ जाती है इन जड़ी बूटियो से।
  • ताक़त और उर्जा बढ़ने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे है की घी, खजूर, सूखा नारियल, बादाम और केसर को दूध में उबाले और फिर चीनी मिला के रात को सेवन करे।

जड़ी बूटी से दर्द निवारण - herbs for pain in Hindi

  • जड़ी बूटी से फायदे (benefits from herbs in hindi) जानिए की यह दर्द में भी उपयोगी है। जोड़ो का दर्द, नसो का दर्द, कमर और पीठ का दर्द और मसपेशियो के दर्द में जड़ी बूटी के फायदे बेमिसाल है।
  • जोड़ो का दर्द हो तो आयुर्वेदिक नुस्खे है अदरक का सेवन करे, शल्लकी का सेवन करे, हल्दी का सेवन करे, अश्वगंधा का सेवन करे और सरसों के तेल में अदरक-लहसुन गरम कर के यह तेल लगाए जोड़ो पर। साथ में जड़ी बूटियाँ गुग्गुल और त्रिफला का भी सेवन फायदेमंद होता है।
  • नसो का दर्द कई अलग कारणों से होता है तो देसी जड़ी बूटी उपचार इन सभी नसो के दर्द के लिए है दूध में लहसुन उबाल के सेवन करना। शहद और दालचीनी के सेवन से भी यह नसो के दर्द में राहत मिलती है। नसो के दर्द में निर्गुण्डी, आरंडी का तेल की मालिश, अश्वगंधा, गुग्गुल, पीपरा मूल और जायफल भी फायदा देते है।
  • कमर और पीठ के दर्द में भी जड़ी बूटी का उपचार करे तो ज़रूर लाभ होगा। आरंडी का तेल एक चमच ले खाली पेट। दशमूलारिष्ट का सेवन करे।गुगुग्गुल, अश्वगंधा और अामला का मिश्रण का सेवन आवश्य करते रहे। अदरक, लहसुन और हल्दी का सेवन भी फायदेमंद होता है। कपूर को सरसों के तेल मे डाल के गरम कर के मालिश करे।
  • मसल पेन(muscle pain) याने मसपेशियो मे दर्द अम्ल और वसा से होता है तो इन दोनो दोषो का शमन करे योगय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के सहारे। जड़ी बूटी के नुस्खे हिन्दी में मसपेशियो के दर्द के लिए है की सोंठ, जीरा, सौंफ, काली मिर्च और पुदीना का काढ़ा बना के पीते रहे। खाने में अजवाइन और मेथी का उपयोग करे।

त्वचा के लिए जड़ी बूटी - Herbs for skin care in Hindi

  • त्वचा के हर एक समस्या के लिए जड़ी बूटी का उपचार उपलब्ध है।
  • त्वचा सावली है और रंग हल्का करना है तो herbs benefits in Hindi जानिए हल्दी के उपयोग से। हल्दी से दाग धब्बे निकल जाते है और रंग हल्का हो जाता है। बस, मलाई या दूध या दही के साथ मिला के उपयोग करे। अामला से भी रंग हल्का होने लगता है।
  • बेजान त्वचा हो तो बादाम का पेस्ट और गाजर के बीज को पीस के लगाए तो त्वचा कोमल हो जाती है।
  • Benefits of herbs in Hindi त्वचा के लिए बात करे तो घृत कुमारी याने एलोवेरा का ज़िक्र तो करना ही होगा। इस से काले धब्बे और घाव के निशान मिट जाते है, त्वचा कोमल हो जाती है, कील मुहासे भी मिट जाते है।
  • कील की बात करे तो नींबू, नीम, हल्दी और पपीता उत्तम आयुर्वेदिक नुस्खे है।
  • लहसुन भी कुछ कम नहीं है त्वचा के समस्या को दूर करने के लिए।

बालो को लंबे बनाने के लिए जड़ी बूटी - Herbs help in hair growth in Hindi

  • आयुर्वेद के नुस्खे बालो के लिए सदियो से उपयोग में लिए जाते है और इतने असरकारक है की आजकल बड़ी कंपनी भी हर्बल हेयर बनावट प्रस्तुत करते है।
  • बालो को उगाने के लिए, लंबे बनाने के लिए प्याज का रस, मंजिष्ठा चूर्ण, मेहन्दी, गुढ़ल के फूल और पत्ते, भृंगराज, लौकी और ब्राहमी का सदियो से उपयोग होता आया है तो आप भी प्रयोग करे।
  • जड़ी बूटी से सम्बंधित संपूर्ण जानकारी पाना यानी वर्षो तक अभ्यास करना है मगर यहाँ पर हर एक हालत के लिए योगय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी बताए गये है जैसे की बालो की देखभाल के लिए जटामांसी।
  • बाल धोने के लिए सब से सर्वश्रेष्ट है अामला, शिकाकाई और रीठा।

सौंदर्य के लिए जड़ी बूटी - herbs for beauty in Hindi

  • सौंदर्य प्रसाधन में आयुर्वेदिक जड़ी बूटी लाजवाब है और इन के कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • हल्दी, नींबू, शहद और अामला का रस जो लगाए त्वचा पर तो दाग मिट जाए, रंग सुधार जाए और लंबे समय तक झुर्रिया नहीं पड़ती है।
  • रूखी त्वचा है तो अखरोट, बादाम, चिरोंजी, नारियल तेल और शहद को एलोवेरा के साथ मिला के लगाए और देखे benefits of herbs in Hindi ।
  • Health benefits of herbs in Hindi यह है की इन चीज़ो को खा भी सकते है जिस से सौंदर्य बढ़ता है और त्वचा पर लगा भी सकते है। जैसे की नीम का रस पीए और चेहरे पर लगाए तो कील मुहसो से छुटकारा मिलेगा। लहसुन भी इसी काम में लिया जा सकता है।
  • तेली त्वचा हो तो पपीता की गुदा, चंदन, मंजिष्ठा चूर्ण और मुलतानी मिट्टी नींबू के रस या दही के साथ उपयोग करे तो चेहरे पर चार चाँद लग जाएँगे।
  • किसी भी फल या सभी को चेहरे पर घिसे तो उस के गुण आवश्य सौंदर्य बढ़ाने में सहायक होते है।

जड़ी बूटी से काम शक्ति बढ़ाए और स्तंभन शक्ति पाए - herbs for sexually long time in Hindi

  • आयुर्वेद में वाजीकरण का एक खास स्थान है और स्तंभन शक्ति बढ़ाने के लिए खास जड़ी बूटियाँ उपलब्ध है।
  • काम शक्ति और कम ताक़त बढ़ाने के लिए अश्वगंधा, विदारीकन्द, कवच बीज , सफेद मुसली , गोखरू, अकरकरा और अामला चूर्ण का नित्य सेवन करते रहे।
  • स्तंभन शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे में  बबूल के फूल, बीज और पत्ते को सूखा के चूर्ण बना के हर रोज सेवन करे।
  • देसी जड़ी बूटी जो स्तंभन शक्ति बढ़ाते है इन में है तालमखाना, जायफल, इलाइची, केसर और सेमल मुसली( semal musli)  जिन का नियमित रूप से सेवन करे तो ताक़त बढ़ जाती है लंबे समय तक संभोग में टीके रहने की।
  • शिलाजीत ऐसे तो जड़ी बूटी के व्याख्या में नहीं आता है मगर सेक्स पावर बढ़ाने के लिए यह आयुर्वेदिक नुस्ख़ा बहुत उत्तम है।
  • सालममिश्री (Salep misri), सालम के बीज, खजूर, घी, काली मिर्च और गुड के लड्डू खाए। ईमली के बीज को भिगो के पीस के घी के साथ भुन के शहद के साथ खाए। यह सभी से health benefits of herbs मिलेंगे और स्तंभन शक्ति भी बढ़ती है।  

जड़ी बूटी की सम्बंधित संपूर्ण जानकारी तो यह नहीं है मगर जड़ी बूटी के उपयोग अलग समस्या के लिए दिए गये है जो ज़रूर अपनाए और देखे कितना फायदा होता है।

Loading...

Leave a Comment

Your Name

Comment

1 Comments

शिक्षा सागवान , Feb 21, 2018

तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिनों तक आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है। आंखों का पीलापन ठीक होता है। आंखों की लाली दूर करता है। तुलसी के पत्तों का रस काजल की तरह आंख में लगाने से आंख की रौशनी बढ़ती है।

Loading...